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Friday, 26 January 2024

Ayodhya Darshan Guide

 

अयोध्या दर्शन वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी

22 जनवरी 2024 को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी है। यदि आप भी अयोध्या जाने का प्लान कर रहे

हैं तो इस अयोध्या गाइड में आपको मिलेगी संपूर्ण जानकारी। इसमें वो सभी जानकारियां संकलित की गई हैं, जो

अयोध्या पहुंचने से लेकर शहर में घूमने तक में मददगार साबित होंगी।

राम मंदिर दर्शन राम मंदिर कब खुलता है?

सुबह- 6.30 से दोपहर 12.00 बजे तक

दोपहर- 2.30 से रात 10.00 बजे तक (समय में परिवर्तन संभव)

मंदिर में दर्शन कै से होंगे?

 राम मंदिर परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से मंदिर की दुरी करीब 200 मीटर है।

यहां से मंदिर तक पहु चने के लिए बुजुर्गों और विकलांगों के लिए व्हीलचेअर की सुविधा भी रहेगी।

मंदिर में आपको सिंह द्वार होते हुए 32 सीढ़ी चढ़कर राम मंदिर में प्रवेश मिलेगा।

इसके बाद आप पांच मंडप पार करके गर्भ गृह में रामलला के दर्शन 30 फीट दरी से कर पएं गे।

रामलला की आरती का समय क्या है?

मंगला आरती- सुबह 4.30 बजे

शृंगार आरती- सुबह 6.30 से 7.00 बजे

भोग आरती- 11.30 बजे

मध्यान्ह आरती- दोपहर 2.30 बजे

संध्या आरती- शाम 6.30 बजे

शयन आरती- रात 8.30 से 9.00 बजे

रामलला के वीआईपी दर्शन और मंगला व शृंगार आरती के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर क््थ षेत्र ट्रस्ट ने अभी कोई

व्यवस्था घोषित नहीं की है। शृंगार, भोग और संध्या आरती में भक्त शामिल हो सकें गे। भगवान दिन में ढाई घंटे

(दोपहर 12 से ढाई बजे तक) विश्राम करेंगे। इस दौरान गर्भगृह के पट बंद रहेंगे।

आरती में कै से शामिल हो सकते हैं?

पास की ऑफलाइन व्यवस्था आरती में शामिल होने के नियम ट्रस्ट तय कर रहा है। अभी ट्रस्ट द्वारा पास बनाया 

जाता है। ऑफलाइन पास श्रीराम जन्मभूमि कैंप ऑफिस से बनता है। इसके लिए आईडी प्रूफ देना अनिवार्य होता 

है।

 ऑनलाइन व्यवस्था https://online.srjbtkshetra.org/#/aarti पर जाकर ऑनलाइन पास के लिए रजिस्ट्रेशन

किया जा सकता है, हालांकि अभी यह व्यवस्था एक्टिव नहीं हुई है। 27 जनवरी से व्यवस्था सामान्य होने की 

संभावना है। इसके बाद ही आप ऑनलाइन बुकिं ग कर पाएं गे। वीआईपी दर्शन की क्या व्यवस्था है? मंदिर में 

वीआईपी दर्शन की कोई आधिकारिक व्यवस्था, टिकट या शुल्क नहीं है। अभी व्यवस्थाएं तय की जा रही हैं।

मंदिर में प्रसाद क्या मिलेगा?

राम मंदिर में भक्तों को ‘इलायची दाने’का प्रसाद दिया जाएगा। यह चीनी और इलायची को मिलाकर बनाया जाता

है। मंदिर परिसर में ही भक्तोंको नि:शुल्क प्रसाद की व्यवस्था है।

प्रसाद कहां से मिलेगा?

सभी भक्तों को प्रसाद बांटने के लिए मशीन लगाई गई है। ये मशीनें परिसर में दर्शनार्थियों के वापसी के रास्ते पर

स्थापित हैं। अभी शुल्क के साथ प्रसाद की कोई व्यवस्था मंदिर में नहीं है।

चढ़ाने के लिए प्रसाद ले जा सकते हैं?

भक्त भी विशेष अनुमति से शाकाहारी और शुद्ध मिठाई और मेवे आदि का भोग लगवा सकते हैं।

सुरक्षा कारणों से रामलला के मंदिर में भगवान को अर्पित करने के लिए नारियल, फूल माला, शृंगार या कोई और

चीज भक्त नहीं ले जा सकेंगे।

मंदिर में अंदर क्या ले जा सकें गे?

मंदिर दर्शन के वक्त आप अंदर केवल पैसा और चश्मा जैसी जरूरी चीजें ही ले जा सकें गे।

अन्य वस्तुओ के लिए दर्शन मार्ग पर लॉकर की सुविधा है।

प्रमुख दर्शनीय स्थल

अयोध्या में भगवान राम से जुड वो प्रमुख  स्थान जो आप देख सकते हैं- अयोध्या मेंराम मंदिर दर्शन केअलावा भगवान राम सेजुड़े और भी कई स्थान हैं।

इन स्थानों पर भगवान राम के चिन्ह मौजूद हैं। ये स्थान राम मंदिर केआसपास ही हैं-

1. हनुमानगढ़ी- राम मंदिर से दुरी 500 मी

 महत्व- राम मंदिर जाने से पहले हनुमान मंदिर के दर्शन करने की परंपरा रही है।

मंदिर में जो मुर्ती है, उसमें हनुमान जी मां अंजनी की गोद में हैं।

खुलने का समय- सुबह 4.00 बजे से रात 10.00 बजे तक खुला रहता है।

2.छोटी देवकाली- राम मंदिर से दुरी 1 किमी

महत्व- यह माता सीता की कुल देवी का मंदिर है। मान्यता है कि उन्होंने यहां माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित की थी और वे यहां पूजा करने आती थीं।

खुलने का समय - सुबह से रात तक

3.कनक भवन- राम मंदिर से दुरी 1 किमी

महत्व- माता कैकेयी ने श्रीराम और देवी सीता को यह भवन उपहार में दिया था।

यह उनका व्यक्तिगत महल था। 1885 में ओरछा रियासत की महारानी वृषभानु कुवरी जूदेवी ने वर्तमान भवन का

निर्माण करवाया था। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में श्रीराम और माता सीताजी की प्रतिमा स्थापित है।

खुलने का समय - सुबह 9.00 बजे से दोपहर 11. 30 बजे तक और शाम 4.30 से रात 9.30 तक।

4.सीता रसोई- राम मंदिर से दुरी 1 किमी

महत्व - राम जन्म भूमि के उत्तर-पश्चिमी किनारे पर स्थित सीता की रसोई एक प्राचीन रसोई है।

इसका उपयोग सीताजी किया करती थीं।

खुलने का समय - सुबह से रात तक।

5. सरयू तट- राम मंदिर से दुरी 2 किमी

महत्व - अयोध्या में 14 प्राचीन घाट हैं। हर घाट से जुड़ी कुछ प्राचीन मान्यताएं है।

पर्व के समय इन घाटों पर भक्त पवित्र स्नान करने जुटते हैं।

6.मणिराम दास छावनी- राम मंदिर से दुरी 1 किमी

 महत्व- इस मंदिर में आमने-सामने दो हवेलियां हैं।

यहां के वाल्मिकीजी भवन की दो मंजिलों की दीवारों पर संपूर्ण वाल्मीकि रामायण अंकित है।

7.रामलला सदन- राम मंदिर से दुरी 1 किमी

महत्व- अयोध्या में यह पहला ऐसा मंदिर है, जिसे द्रविड़ शैली में बनाया गया है।

यह भगवान श्रीराम के कुलदेवता भगवान विष्णु के स्वरूप भगवान रंगनाथन का मंदिर है।

8.दशरथ महल- राम मंदिर से दुरी 700 मी

महत्व- राजा दशरथ ने यह महल बनवाया था, हालांकि बाद में इसका कई बार जीर्णोद्धार हुआ।

यहां भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और भरत की मूर्तियां हैं।

9.रंग महल- राम मंदिर से दुरी 1 किमी

महत्व- इस मंदिर के संत खुद को सीताजी की सखी मानते हैं। मान्यता है कि विवाह के बाद इस मंदिर में माता सीता की मुंह दिखाई रस्म हुई थी।

अयोध्या के पास यह 4 तीर्थ भी देखे :-

1 भरत कुंड : श्रीराम की पादुका  रखकर भरत ने यहीं से 14 साल शासन किया।  अयोध्या से दुरी 16 किलोमीटर

2 गुप्तारघाट : यहीं श्रीराम ने जल समाधि ली थी। वे यहीं से साकेतधाम चले गए थे। अयोध्या से दुरी  10 किलोमीटर

3 मखभूमि : यहीं श्रीराम के जन्म के लिए राजा दशरथ ने यज्ञ किया था। अयोध्या से दुरी  20 किलोमीटर

4 सूर्यकुंड :  यहां भगवान सूर्य का मंदिर और कुं ड है। अयोध्या से दुरी  3 किलोमीटर

अयोध्या के लिए कितने दिन का प्लान? :-

अयोध्या के लिए कम से कम पूरे एक दिन का समय रखें। ठीक से अयोध्या के स्थानों को देखने के लिए कम से 

कम तीन दिन का प्लान बनाना चाहिए।

अयोध्या में साल के प्रमुख उत्सव:-

अयोध्या में रामनवमी, दीपावली दोनों पर खास उत्सव का माहौल होता है। इन दिनों यहां भक्त बड़ी संख्या में आते 

हैं। चैत्र, कार्तिक और सावन में यहां बड़ी संख्या में भक्त आते हैं।

सावन झूला मेला (जुलाई-अगस्त) यहां देखने लायक होता है। अक्टूबर-नवंबर में 14 कोसी परिक्रमा के साथ यहां 

कार्तिक मेला लगता है। हर माह पूर्णिमा पर सरयू स्नान के दौरान यहां उत्सव का माहौल रहता है।

अपने वाहन से अयोध्या जाएं तो :-

सामान्य रूप से आप अपने वाहन से भी अयोध्या जा सकते हैं। हनुमानगढ़ी और कनक भवन का मार्ग संकरा होने 

के कारण यलो जोन से वाहन पास कराना होता है।

शेष अयोध्या में कोही दिक्कत नहीं है। शहर में एक जगह से दसरी जगह जाने के लिए टैक्सी मिल जाती है। 

जन्मभूमि स्थान पर ई-गोल्फ कार्ट की व्यवस्था है। अयोध्या के सभी प्रवेश मार्गों पर वाहन पार्किं ग बनाई गई है।

10 टिप्स   अयोध्या में काम आयेंगे:-

1. आप राम जन्मभूमि परिसर के अंदर निजी सामान (फोन, वॉलेट, चार्जर, पेन, नोटबुक) नहीं ले जा सकते। 

परिसर में लॉकर नि:शुल्क है।

2. पूरे शहर के लिए ई-बसें शुरू की जा रही हैं। इसके अलावा गोल्फ कॉर्ट भी उपलब्ध रहेगी, जिसका किराया 

प्रतिव्यिक्त 50 रुपए रहेगा।

3. मौसम और पर्व के लिहाज से अयोध्या जाने का सबसे अच्छा समय मार्च, अप्रैल, मई, अक्टूबर, नवंबर और 

दिसंबर के महीने हैं।

4. राम मंदिर में बुजुर्गों और दिव्यांग भक्तों के लिए व्हील चेयर और लिफ्ट की व्यवस्था नि:शुल्क उपलब्ध है।

5. अयोध्या के अलावा लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यह अयोध्या से लगभग 152 किलोमीटर दर है। 

गोरखपुर,  प्रयागराज और वाराणसी हवाई अड्डों के बीच की दरी क्रमशः 158  किमी, 172 किमी और 224 किमी 

है।

6. रामलला के मंदिर के ठीक बाहर अमावा पटना के महावीर मंदिर ट्रस्ट की राम रसोई है।

राम रसोई में रामलला के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओ को यहां  आधार कार्ड दिखाने से नि:शुल्क भोजन मिलता है।

 7. अयोध्या के लिए लखनऊ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से टैक्सी मिल जाएगी। करीब 3000 रुपए में टैक्सी बुक करके 

लखनऊ से अयोध्या जा सकते हैं।

8. अयोध्या में राममंदिर में दर्शन के दौरान कम से कम 5 चौकियां हैं, जहां आपको सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ 

सकता है।

9. अगर अचानक किसी चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ती है तो राम मंदिर का चिकित्सा शिविर है। इसके 

अलावा नजदीक ही श्रीराम अस्पताल भी है।

10. हेल्प लाइन: सहायता के लिए रामजन्म भूमि थाना SHO से 9454403310 पर और रामजन्म भूमि हेल्प डेस्क- 

05278 292000 पर संपर्क कर सकते हैं।